ईरान ने इजराइल पर मंगलवार की देर रात 10 बजे 100 से ज्यादा मिसाइलें दागीं। इजराइली सरकार ने अपने नागरिकों से बम शेल्टर में जाने को कहा है। पूरे देश में सायरन बज रहे हैं। अमेरिका ने कुछ घंटे पहले हमले का दावा किया था।
हमले के बाद ईरान ने कहा कि नसरल्लाह की शहादत का यह पहला बदला है। यह तो अभी शुरुआत है।
उधर, IDF के एक अधिकारी ने कहा, ‘इजराइल का एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव है। वह खतरों का पता लगा रहा है और जहां जरूरत है वहां उन्हें रोक रहा है। उधर, ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि ये इजराइल से बदला लेने की शुरुआत है।
बाइडेन ने इमरजेंसी बैठक की ईरान के हमले के बीच, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने उप राष्ट्रपति कमला हैरिस और नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ बैठक की। इस बैठक में ईरान के इजराइल पर हमले की चर्चा की गई। साथ ही इजराइल को इस हमले से कैसे बचाया जाए और इजराइल में फंसे अमेरिकियों की मदद की क्या तैयारी है, इस पर बात हुई।
हिजबुल्लाह ने लेबनान में इजराइली ग्राउंड ऑपरेशन को नकारा हिजबुल्लाह ने लेबनान पर इजराइल के ग्राउंड ऑपरेशन की बात नकार दी है। हिजबुल्लाह के मीडिया रिलेशन्स के अधिकारी मुहम्मद अफीफ ने कहा, यह झूठ है। अब तक इजराइल की हमारे लड़ाकों के साथ कोई भी सीधी मुठभेड़ नहीं हुई है। दुश्मनों की सेना ने अगर लेबनान में घुसने की कोशिश की तो हमारे लड़ाके उनका सामना करने को तैयार हैं।”
दरअसल, इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने मंगलवार को दावा किया था कि उनके सैनिक लेबनान में दाखिल हो गए हैं। IDF ने कहा था कि सोमवार रात दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों को खत्म करने के लिए सीमा से लगे गांवों में लिमिटेड ग्राउंड ऑपरेशन शुरू किया गया। वे सीमा के नजदीकी गांवों को निशाना बना रहे हैं। यहीं से हिजबुल्लाह, इजराइल पर हमला करता है। IDF ने कहा कि इस हमले के लिए उनके सैनिकों ने हाल ही में ट्रेनिंग ली थी।
न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, साल 2006 के बाद यह पहली बार है, जब इजराइली सेना लेबनान में घुसी है। तब इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच 33 दिनों तक जंग चली थी। इसमें 1100 से ज्यादा लेबनानी मारे गए थे। वहीं, इजराइल के 165 लोगों की मौत हुई थी।
इजराइली डिफेंस फोर्स ने ग्राउंड ऑपरेशन से जुड़ी तस्वीरें जारी कीं….
