तिरुपति लड्डू विवाद- YSRCP ने मंदिरों में शुद्धीकरण पूजा की:कहा- मिलावट की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराएं, ये सरकार की साजिश
तिरुपति मंदिर के लड्डुओं में मिलावट के आरोप में घिरी YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने शनिवार को तिरूपति के प्राचीन तातैयागुंटा गंगम्मा मंदिर में शुद्धीकरण पूजा की। तिरुपति के सांसद डॉ. एम. गुरुमूर्ति ने कहा- YSRCP ने तिरुपति मंदिर के लिए खरीदे जाने वाले घी की क्वालिटी बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए थे।
सरकार राजनीति के तहत हमें बदनाम कर रही है। मंदिर सेल्फ डिपेड बनने के लिए मंदिर ट्रस्ट ने 1000 गायों के साथ गोशाला की शुरुआत की। शुद्धीकरण पूजा में तिरुपति ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष भुमना करुणाकर रेड्डी, डिप्टी मेयर भुमना अभिनय रेड्डी भी थे।
इधर, पूर्व मंत्री और साउथ एक्ट्रेस आरके रोजा ने भी तमिलनाडु के सुंदरेश्वर मंदिर में शुद्धीकरण अनुष्ठान किया। उन्होंने आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा जांच के लिए बनाई गई एसआईटी पर सवाल उठाए और कहा कि किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए, तभी सच्चाई सामने आएगी।
दरअसल, आंध्र प्रदेश के CM नायडू की तेलुगु देशम पार्टी ने 18 सितंबर को आरोप लगाया था कि तिरुपति मंदिर में मिलने वाले लड्डू (प्रसादम्) में जानवरों की चर्बी वाला घी और फिश ऑयल मिलाया जाता है।
जुलाई में घी सप्लाई करने वाली कंपनी के प्रोडक्ट में गड़बड़ी मिली थी यह मामला तब सामने आया जब इसी साल जुलाई में तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित एआर डेयरी फूड्स के प्रोडक्ट में इस साल गड़बड़ी मिली। यह कंपनी उन 5 फर्म में आती है जो तिरुपति मंदिर में घी सप्लाई करती है। दरअसल पिछले 50 सालों से कर्नाटक कोऑपरेटिव मिल्क फेडरेशन (KMF) रियायती दरों पर ट्रस्ट को घी दे रहा था। जुलाई 2023 में कंपनी ने कम रेट में सप्लाई देने से मना कर दिया, जिसके बाद जगन सरकार (YSRCP) ने 5 फर्म को सप्लाई का काम दिया था।
प्रसादम विवाद पर किसने-क्या कहा..
टीडीपी धार्मिक मामलों का राजनीतिकरण कर रही है। प्रसादम के लिए टेंडर प्रोसेस हर 6 महीने में होती है। सप्लायर की योग्यता का पैमाना दशकों से नहीं बदला है। सप्लाई करने वालों को NABL सर्टिफिकेट और प्रोडक्ट क्वालिटी सर्टिफिकेट देना होगा। TTD घी से नमूने कलेक्ट करता है। केवल उन्हीं प्रोडक्ट का यूज किया जाता हैं, जिन्हें पास सर्टिफिकेट मिलता है। हमने अपने शासन में 18 बार प्रोडक्ट को खारिज किया था।

– वाईएस जगन मोहन रेड्डी, आंध्र प्रदेश के पूर्व CM
यह हमारी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत पर सीधा हमला है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

–टी. राजा, भाजपा विधायक, तेलंगाना
जांच से यह स्पष्ट है कि इसमें मछली का तेल मिलाया गया था। यह एक साजिश है और सनातन धर्म पर हमला है। दोषी को सजा मिलनी चाहिए।

– आचार्य सत्येंद्र दास, राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी
तिरुपति मंदिर प्रसादम में मिलावट न केवल आंध्र प्रदेश में बल्कि पूरे देश और यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी करोड़ों लोगों की भावना और आस्था से संबंधित है। कांग्रेस पार्टी ने इसे बहुत गंभीरता से लिया है। हम इस मुद्दे की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। इसी मांग के साथ हमने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखा है।

– आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाईएस शर्मिला
जब हिंदू मंदिरों को अपवित्र किया जाता है तो हमें चुप नहीं रहना चाहिए। अगर ऐसा मस्जिदों या चर्चों में होता तो देश में गुस्सा भड़क उठता।

– आंध्र प्रदेश के डिप्टी CM पवन कल्याण
पवन कल्याण ने रविवार (22 सितंबर) से 11 दिनों की प्रायश्चित दीक्षा की शुरुआत की। इस दौरान वह उपवास करेंगे। पवन ने कहा- मुझे अफसोस है कि मैं मिलावट के बारे में पहले क्यों नहीं पता लगा पाया। मुझे दुख हो रहा है। इसके लिए प्रायश्चित करूंगा।
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