कांग्रेस ने विनेश फोगाट को जमानत जब्त सीट दी:26 सीटों पर नए चेहरे उतारे; BJP के भी 3 सीटों पर नए उम्मीदवार
हरियाणा की सियासत में 10 साल से सत्ता पर काबिज BJP इस बार विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक लगाने की जुगत में है। वहीं, कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए बेताब है। BJP और कांग्रेस दोनों ने ही चुनावी जंग में अपने-अपने सिपहसालार उतार दिए हैं।
हरियाणा में फर्श से अर्श पर पहुंची BJP 2019 में भले ही 40 सीटें जीतकर दूसरी बार सरकार बनाने में सफल रही हो, लेकिन 3 सीटों पर उसकी जमानत जब्त हो गई थी। इसी तरह कांग्रेस ने BJP को पिछले चुनाव में कांटे की टक्कर दी थी, लेकिन 27 सीट पर पार्टी कैंडिडेट अपनी जमानत नहीं बचा सके थे।
इनमें विनेश फोगाट की जुलाना सीट भी शामिल है। इस सीट पर भी 2019 के चुनाव में पार्टी की जमानत जब्त हुई थी। इस बार ऐसा न हो, इसके लिए दोनों ही पार्टियों ने इन सभी सीटों पर पिछले चुनाव में हारे उम्मीदवारों पर दांव लगाने के बजाय नए चेहरों को उतारा है।
2019 में किन सीटों पर बीजेपी-कांग्रेस की जमानत जब्त हुई थी…
3 सीटों पर BJP जमानत नहीं बचा पाई 2019 के विधानसभा चुनाव में BJP के 3 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। इन सीटों में पुंडरी, रानिया और पृथला सीटें शामिल हैं। 2019 में पुंडरी विधानसभा सीट पर BJP उम्मीदवार वेदपाल एडवोकेट को 20,990 (15.33%) वोट मिले थे। वहीं, रानिया सीट के प्रत्याशी रामचंद्र कंबोज ने 20,709 (14.42%) वोट पाए। इसके अलावा पृथला सीट से कैंडिडेट सोहन पाल के खाते में 21,322 (14.50%) वोट आए थे। इस तरह BJP के ये तीनों उम्मीदवार जमानत नहीं बचा सके।
27 सीटों पर कांग्रेस की जमानत जब्त उधर, कांग्रेस की 27 विधानसभा सीटों पर जमानत जब्त हो गई थी। हरियाणा की अंबाला कैंट, अंबाला ग्रामीण, यमुनानगर, शाहबाद, नीलोखेड़ी, इंद्री, पानीपत ग्रामीण, उचाना, जुलाना, जींद, उकलाना, नारनौंद, हांसी, बरवाला, भिवानी, अटेली, नांगल चौधरी, गुरुग्राम, बादशाहपुर, सोहना, पटौदी, नरवाना, टोहना, फेतहाबाद, रानियां और सिरसा विधानसभा सीट पर कांग्रेस कैंडिडेट अपनी जमानत नहीं बचा सके थे।
कांग्रेस प्रत्याशियों में हांसी सीट पर ओमप्रकाश और उचाना सीट पर बलराम को सबसे कम वोट मिले थे। हांसी में कांग्रेस को 2.7 % वोट तो उचाना में 3.14 % वोट मिले थे।
इस बार के लिए पार्टियों का प्लान…
BJP ने सभी नए चेहरे उतारे BJP ने इस बार पुंडरी, रानिया और पृथला विधानसभ सीट पर जमानत जब्त कराने वाले उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिया है। पार्टी ने पुंडरी से वेदपाल की जगह सतपाल जाम्बा को उतारा है, तो रानियां सीट पर रामचंद्र कंबोज की जगह शिशपाल कंबोज और पृथला सीट पर सोहन पाल की जगह टेकचंद शर्मा को टिकट दिया है।
2019 के चुनाव में BJP ने इस तरह से 2014 में जमानत जब्त वाली 12 विधानसभा सीटों पर पुराने चेहरों की जगह नए उम्मीदवारों पर दांव खेला था, जो कई सीटों पर सफल भी रहा। पार्टी उनमें से कुछ सीटें जीतने में कामयाब रही तो रानिया सीट छोड़कर बाकी विधानसभा सीटों पर जमानत जब्त होने से बच गई थी।
कांग्रेस ने जमानत जब्त वाली 1 सीट CPI(M) को दी कांग्रेस ने भी पिछले चुनाव में जमानत जब्त कराने वाले एक उम्मीदवार को छोड़कर सभी के टिकट इस बार काट दिए हैं। इस 27 सीटों में से 26 पर इस बार कांग्रेस चुनाव लड़ रही है और एक सीट उसने अपनी सहयोगी CPI(M) को दी है।
कांग्रेस ने नरवाना सीट पर विद्या रानी दनोदा की जगह सतबीर, फतेहाबाद में प्रह्लाद सिंह की जगह बलवान सिंह, रानियां में विनीत कंबोज की जगह सर्वमित्र कंबोज, सिरसा में होशियारी लाल की जगह गोकुल सेतिया, अंबाला कैंट में वेणु सिंगला की जगह परविंदर परी, अंबाला शहर में जसबीर मलौर की जगह चौधरी निर्मल सिंह, यमुनानगर में निर्मल चौहान की जगह मन त्यागी, शाहबाद सीट पर अनिल धंतौड़ी का जगह रामकरन और नीलोखेड़ी में बंता राम के स्थान पर धर्मपाल गोंदर को उतारा है।
विनेश फोगाट जहां से लड़ रहीं वहां भी जमानत जब्त हुई थी वहीं, कांग्रेस ने टोहाना सीट से पिछली बार चुनाव लड़ने वाले परमवीर पर एक बार फिर से भरोसा जताया है। पिछली बार परमवीर की जमानत जब्त हो गई थी। इसके अलावा भिवानी में पिछली बार अमर सिंह हलुवासिया ने कांग्रेस की जमानत जब्त करवाई थी। यह सीट इस बार CPI(M) के लिए छोड़ दी है।
इस तरह कांग्रेस ने नए चेहरे ही नहीं बल्कि मजबूत प्रत्याशी उतारने का दांव चला है। विनेश फोगाट को जुलाना से टिकट देने के पीछे पर भी पार्टी की यही रणनीति है।
नए उम्मीदवारों के भरोसे कांग्रेस इसी तरह कांग्रेस ने इंद्री में नवजोत कश्यप की जगह राकेश कुमार कंबोज, पानीपत ग्रामीण में ओमप्रकाश जैन की जगह सचिन कुंडू, जुलाना में धर्मेंद्र ढुल की जगह विनेश फोगाट, जींद में अंशुल सिंगला की जगह महाबीर गुप्ता, उचाना में बलराम की जगह बृजेंद्र सिंह, उकलाना में बाला देवी की जगह नरेश सेलवाल, नारनौंद में बलजीत सिहाग की जगह जसबीर सिंह, हांसी में ओमप्रकाश की जगह राहुल मक्कड़ और बरवाला सीट पर भूपेंद्र गंगवा की जगह राम निवास घोड़ेला को प्रत्याशी बनाया है।
इन सीटों पर भी कांग्रेस के नए चेहरे कांग्रेस ने चरखी-दादरी में नृपेंद्र सांगवान की जगह सोमबीर सांगवान, अटेली सीट पर अर्जुन सिंह की जगह अनीता यादव, नांगल चौधरी सीट पर राजा राम की जगह पर मंजू चौधरी और गुरुग्राम सीट पर सुखबीर कटारिया की जगह मोहित ग्रोवर को प्रत्याशी बनाया है।
कांग्रेस ने पटौदी सीट पर सुधीर कुमार की जगह पर्ल चौधरी, बादशाहपुर सीट पर राव कमलबीर की जगह वर्धन यादव और सोहना सीट पर शमशुद्दीन की जगह पर रोहताश खटाना को प्रत्याशी बनाया है।
क्या होती है जमानत राशि, कब होती है जब्त चुनाव में प्रत्याशियों को सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा कराना होता है। लोकसभा चुनाव के लिए यह 25 हजार और विधानसभा चुनाव के लिए 10 हजार रुपए है। SC-ST के लिए यह राशि आधी है। किसी प्रत्याशी को उसकी सीट पर हुए कुल मतदान (वैध मतों की संख्या) के छठे हिस्से यानी 16.66 % से कम मत मिलते हैं तो जमानत राशि जब्त कर ली जाती है।
इसके पीछे मकसद यही है कि गंभीर प्रत्याशी ही मैदान में उतरे। इसके बावजूद कुछ प्रत्याशी सिर्फ नाम के लिए पर्चा दाखिल कर देते हैं या जातिगत तौर पर चुनाव को प्रभावित करने के मकसद से पार्टियां डमी प्रत्याशी खड़े कर देती हैं।
