देश का मानसून ट्रैकर:ताजमहल की छत से टपका पानी; हरियाणा के अंडरब्रिज में कार डूबने से 2 की मौत; उत्तराखंड में चारधाम यात्रा रुकी
हरियाणा के फरीदाबाद में तेज बारिश के चलते एक रेलवे अंडरब्रिज में पानी भर गया। इसमें एक कार डूब गई। गाड़ी में सवार HDFC के बैंक मैनेजर और कैशियर की मौत हो गई। कार के लॉक होने के कारण वे समय पर बाहर नहीं निकल पाए।
उत्तर प्रदेश तेज बारिश के कारण 48 घंटे में 21 लोगों की मौत हुई। आगरा में 2 दिन की बारिश से 185 मकान गिर गए। ताजमहल में मुख्य मकबरे की छत टपकने लगी है। ASI ने इसकी जांच की है। अनुमान है कि कलश की धातु में ही कहीं जंग लगी है। इसके कारण पत्थर में क्रैक आने से पानी टपका है।
वहीं उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे से जारी भारी बारिश के चलते गंगा, कोसी और काली नदियां उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इन नदी के किनारे न जाएं। लैंडस्लाइड के कारण 200 सड़कें भी बंद हैं। चारधाम यात्रा रोक दी गई है।
MP में 4 नदियां उफान पर मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल में आसन, क्वारी, सिंध और चंबल नदियां उफान पर हैं। कई जगह पुल और रपटों के ऊपर से पानी बह रहा है। इसकी वजह से 100 से अधिक गांवों का मुख्यालय से संपर्क कट गया है। तेज बारिश के कारण मुरैना में ट्रैक्टर-ट्रॉली नाले में गिर गई। इसमें 3 लोग बह गए। एक को बचा लिया गया, जबकि 2 की तलाश जारी है। वहीं, धर्मपुरा में 6 साल के बच्चे की डूबने से मौत हो गई।
देशभर से बारिश की 6 फोटोज…
प्रयागराज- वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ा
- उत्तर प्रदेश में तेज बारिश के चलते प्रयागराज और वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। प्रयागराज में गंगा हनुमान मंदिर तक पहुंच गई।
- वहीं, वाराणसी में भी शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 65.30 मीटर था, जो कि शनिवार सुबह तक 65.55 मीटर पर पहुंच गया।
- गंगा का खतरे का निशान 71.262 मीटर है। गंगा में NDRF और जल पुलिस की निगरानी में नावों का संचालन हो रहा है।
15 सितंबर को 11 राज्यों में 7 सेमी बारिश का अनुमान
- मौसम विभाग के मुताबिक, झारखंड में बहुत भारी बारिश (12 सेमी तक) हो सकती है।
- छत्तीसगढ़, गंगा के पास वाले पश्चिम बंगाल के इलाके, बिहार, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश (7 सेमी तक) का अनुमान है।
इस बार मानसून सामान्य से 16 अधिक दिन एक्टिव रहेगा
- आम तौर पर मानसून की 18 सितंबर के बाद से पश्चिमी राजस्थान के रास्ते वापसी शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार इसके करीब 16 दिन और एक्टिव रहने के आसार बन रहे हैं।
- यानी देश में सितंबर के आखिर तक तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा। प्राइवेट वेदर एजेंसी स्काईमेट के अनुसार, मानसून वापसी के बाद अक्टूबर में भी बारिश की संभावना है।
- मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार के मानसून में अब तक 108 फीसदी यानी 8% ज्यादा बारिश हो चुकी है। इसके बावजूद देश के करीब एक चौथाई यानी 185 जिलों (26%) में सूखे की स्थिति है।
- 68 जिले ऐसे हैं, जिनमें सामान्य से 60% बारिश हुई हैं, इनमें 19 अकेले राजस्थान में हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित उत्तर प्रदेश (30 जिले), बिहार (25), झारखंड (11), ओडिशा (11), पंजाब (15) हैं।
मानसून के 16 अधिक दिन एक्टिव रहने की वजह
- मौसम विभाग के मुताबिक, एक डिप्रेशन उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है। ये उत्तराखंड की तरफ बढ़ रहा है। इसका असर हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों पर भी होगा।
- एक नया लो प्रेशर का एरिया साउथ बांग्लादेश के पास है, जो 2 दिन में डिप्रेशन बनेगा। यह इस सीजन का चौथा डिप्रेशन होगा। इसके चलते बिहार, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में बारिश होगी।
- मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में राजस्थान, गुजरात, वेस्ट मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र समेत साउथ के राज्यों में भारी बारिश की आशंका कम देखने को मिलेगी।
