सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को इजराइल को हथियार सप्लाई बंद करने के लिए याचिका दाखिल की गई। इसमें कहा गया कि कई इंटरनेशनल नियम और संधियां हैं, जो वॉर क्राइम करने वाले देशों को हथियार सप्लाई करने से रोकती हैं।
वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और 10 अन्य लोगों ने यह याचिका दायर की। इसमें रक्षा मंत्रालय को पार्टी बनाया गया है। इसमें वॉर क्राइम का भी हवाला दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट में अभी इस याचिका की सुनवाई की तारीख तय नहीं की गई है।
याचिकाकर्ता बोले- हथियार सप्लाई नियमों का उल्लंघन
– प्रशांत भूषण ने मांग की कि केंद्र इजराइल को मिलिट्री इक्विपमेंट और आर्म्स सप्लाई करने वाली कंपनियों के लाइसेंस रद्द करे और नई कंपनियों को लाइसेंस ना दे। नए लाइसेंस भी ना दिए जाएं।
– भूषण ने कहा कि वॉर क्राइम करने वाले देशों को हथियार सप्लाई किए जाने से इंटरनेशनल नियमों का उल्लंघन होगा। इसकी जांच किसी एक्सपर्ट से भी कराई जा सकती है।
इंटरनेशनल कोर्ट ने इजरायल के खिलाफ जारी किए थे निर्देश
इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) ने 26 जनवरी को गाजा में हमले को लेकर इजरायल के खिलाफ कुछ नियम जारी किए थे। इसमें तुरंत मिलिट्री कार्रवाई रोकने को कहा गया था। इसके बाद अमेरिकी एक्सपर्ट्स ने एक बयान जारी किया था। इसमें कहा गया था कि अमेरिका इजरायल को मिलिट्री सप्लाई बंद कर दे। ऐसा करने पर मानवाधिकार और इंटरनेशनल लॉ का उल्लंघन होगा।
