खडूर साहिब से सांसद और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) की अवधि बढ़ाए जाने को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। अमृतपाल की याचिका में सांसद पर NSA को लगाया जाना गलत बताया गया है।
जिसमें आज बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र व पंजाब सरकार की तरफ से जवाब दाखिल किया गया। साथ ही कहा कि अमृतपाल पर NSA बिल्कुल सही लगाया था। वह गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल था।
उसकी समय अवधि बढ़ाना भी उचित है। जबकि उसके साथियों द्वारा एनएसए के खिलाफ लगाई याचिका में जवाब दाखिल करने के लिए केंद्र व पंजाब सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की है।
एक साल से अधिक समय से डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल
अमृतपाल सिंह फिलहाल असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि एनएसए की अवधि एक साल बढ़ाना पूरी तरह से गलत है। उन्होंने अपने खिलाफ की गई कार्रवाई को असंवैधानिक बताया है।
वह एक साल से ज्यादा समय से अपने राज्य, रिश्तेदारों और लोगों से दूर हैं। याचिका में कहा है कि उनकी जिंदगी और आजादी को असामान्य और क्रूर तरीके से छीना गया है।
निर्दलीय उम्मीदवार ने दी संसद सदस्यता को चुनौती
इस बीच अमृतपाल सिंह की संसद सदस्यता को अब चुनौती दी गई है। इसको लेकर खडूर साहिब से निर्दलीय उम्मीदवार रहे विक्रमजीत सिंह ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में 5 बातों का जिक्र किया गया है।
दलील दी गई है कि अमृतपाल सिंह ने अपने नामांकन पत्र में कई जानकारियां छिपाई हैं। नामांकन पत्र अधूरा है। फंड, दान, खर्च की जानकारी छिपाई गई है। वोट मांगने के लिए धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल किया गया है। बिना मंजूरी के चुनाव प्रचार सामग्री छापी गई। चुनाव आयोग से अनुमति लिए बिना सोशल मीडिया पर प्रचार किया गया।
1.97 लाख वोटों से जीता था अमृतपाल
अमृतपाल सिंह अजनाला थाने पर हमला करने समेत 12 एफआईआर में भी आरोपी हैं। जेल में रहते हुए अमृतपाल सिंह ने पंजाब के खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर 2024 का लोकसभा चुनाव जीता है। अमृतपाल सिंह ने कांग्रेस के कुलबीर जिन्ह जीरा को करीब 1.97 लाख वोटों के अंतर से हराया था। खडूर साहिब से जीत के बाद अमृतपाल को शपथ ग्रहण के लिए पैरोल मिली थी।
