हिजबुल्लाह ने इजराइल पर 320 रॉकेट दागे:11 मिलिट्री बेस को निशाना बनाया; इजराइल ने इमरजेंसी लगाई, 100 फाइटर जेट्स से पलटवार किया
लेबनान से ऑपरेट होने वाले हिजबुल्लाह संगठन ने इजराइल पर 320 रॉकेट से हमला किया है। कतर के मीडिया हाउस अलजजीरा के मुताबिक हिजबुल्लाह ने रविवार को इजराइल के 11 सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन्स भी फायर किए।
हिजबुल्लाह ने यह हमला अपने टॉप कमांडर फुआद शुक्र की मौत का बदला लेने के लिए किया। दरअसल, इजराइल ने 30 जुलाई को बेरूत में एक एयरस्ट्राइक कर हिजबुल्लाह के टॉप कमांडर को मार गिराया था।
हिजबुल्लाह के हमले के बाद इजराइल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने 48 घंटों के लिए इमरजेंसी की घोषणा कर दी। राजधानी तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट को बंद करते हुए आने-जाने वाली सभी फ्लाइट्स को 90 मिनट के लिए रोक दिया गया। हालांकि, बाद में सेवाएं वापस शुरू कर दी गईं।
हिजबुल्लाह के हमले के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैबिनेट की बैठक बुलाई। उन्होंने कहा कि हम पर हजारों रॉकेट्स से हमला हुआ, जिसे नाकाम कर दिया गया। नेतन्याहू ने कहा, “हम देश की सुरक्षा के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। जो हमें नुकसान पहुंचाएगा, हम उसे नुकसान पहुंचाएंगे।”
इजराइल ने 100 फाइटर जेट्स से जवाबी हमला किया
हिजबुल्लाह के हमले के बाद इजराइल ने लेबनान में उसके ठिकाने पर जवाबी कार्रवाई की है। टाइम्स ऑफ इजराइल के मुताबिक, इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने 100 फाइटर जेट्स से हिजबुल्लाह की रॉकेट लॉन्चिंग साइट्स पर अटैक किया।
लेबनान और इजराइल के बीच हमले उस वक्त हुए हैं जब गाजा में जारी जंग को रोकने के लिए मिस्र की राजधानी काहिरा में बैठक चल रही है। अमेरिकी मीडिया हाउस न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, हिजबुल्लाह ने सुबह-सुबह इजराइल पर हमला किया। इस दौरान अमेरिका में रात थी।
बाइडेन रातभर से हालातों पर नजर बनाए रखे हुए हैं। उन्होंने नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ मीटिंग की है। वहीं, व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर कहा है कि अमेरिका, इजराइल को सुरक्षित रखने में उनकी मदद करता रहेगा।
हिजबुल्लाह के ठिकानों पर इजराइल के हमले से जुड़ी तस्वीरें…
इजराइल पर ईरान से भी हमले का डर
इजराइल ने 30 जुलाई को बेरूत में एयरस्ट्राइक कर हिजबुल्लाह के टॉप कमांडर को मार गिराया था। इसके ठीक अगले दिन 31 जुलाई को ईरान में हमास के पॉलिटिकल चीफ इस्माइल हानियेह की मौत हो गई। हमास और ईरान ने इजराइल पर हानियेह की हत्या करने का आरोप लगाया।
इसके बाद से मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ गया। ईरान और उनके समर्थन वाले हिजबुल्लाह संगठन ने कई बार इजराइल से बदला लेने की बात कही। शनिवार (24 अगस्त) को इजराइल पर हमले के बाद हिजबुल्लाह ने कहा कि उसने इजराइल के खिलाफ पहले फेज की कार्रवाई पूरी कर ली है। वह आगे और हमले करने की तैयारी में है।
वहीं ईरान के तमाम नेता लगातार इजराइल को हमले की धमकी दे रहे हैं। हालांकि, यह अटैक कब होगा इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। इससे पहले 1 अप्रैल को इजराइल ने सीरिया में ईरान के दूतावास के पास हमला किया था।
इसमें एक टॉप कमांडर समेत कई अधिकारी मारे गए थे। इजराइल के इस कार्रवाई के जवाब में 12 दिन बाद 13 अप्रैल को ईरान ने इजराइल पर 300 मिसाइलों और ड्रोन्स से अटैक किया था। इस हमले के 6 दिन बाद इजराइल ने ईरान में एयरस्ट्राइक की थी।
दावा- इजराइली सैनिकों ने गाजा की मस्जिद में कुरान जलाई
हमास ने शनिवार को इजराइली सैनिकों पर गाजा की एक मस्जिद में कुरान जलाने का आरोप लगाया। अलजजीरा के मुताबिक, हमास ने अरब और मुस्लिम देशों से इजराइली सैनिकों की इस हरकत की निंदा करने की अपील की।
हमास ने कहा, “इजराइली सैनिकों का कुरान जलाना और मस्जिदों को तबाह करना उनका चरमपंथी रवैया दिखाता है। यह फिलिस्तीन की पहचान और उसकी पवित्रता से जुड़ी किसी भी चीज के लिए उनके फासीवादी सोच का सबूत है।”
हमास ने कहा कि समय आ गया है कि दुनिया के आजाद लोग साथ आकर फिलिस्तीन में मुस्लिम और ईसाई धर्म से जुड़े पवित्र स्थलों की रक्षा करें। उन्हें गाजा पट्टी पर विनाशकारी जंग को खत्म करने के लिए एकजुट होना होगा।
‘इजराइल की लड़ाई फिलिस्तीन नहीं इस्लाम के खिलाफ’
अमेरिका और इस्लामिक संबंधों के लिए बनी काउंसिल से कहा कि कुरान को जलाना और मस्जिद को तबाह करना इस बात का सबूत है कि इजराइल की लड़ाई सिर्फ फिलिस्तीनी नागरिक नहीं बल्कि इस्लाम के भी खिलाफ है।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से इसकी निंदा करने की अपील की है। साथ ही इजराइल को जंग में मिल रहे अमेरिकी हथियारों की सप्लाई भी रोकने की मांग की है। वहीं दूसरी तरफ सैनिकों के कुराने जलाने पर अब तक इजराइल की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
