कुंभ की भीड़ में क्रांति भड़कने से डरते थे अंग्रेज:निगरानी बढ़ाई, टैक्स वसूला; पंडों से कहा- उन्हें न ठहरने दें, जो पहले नहीं रुका
मुगलों के पतन के बाद अंग्रेजों का राज आया और कुंभ का आयोजन होता रहा। अंग्रेजों के लिए कुंभ कौतूहल से कम नहीं था। हालांकि 1857 की क्रांति से डरे अंग्रेज कुंभ को लेकर बहुत सतर्क थे। इस महापर्व में आने वाली लाखों की भीड़ के बीच कोई ‘क्रांतिबीज’ न पनप जाए। इससे बचने के…
