CJI बोले-अधिकारों की रक्षा के लिए अदालतों की सक्रियता जरूरी:लेकिन यह ज्यूडिशियल टेररिज्म न बने; माता-पिता का संघर्ष याद कर भावुक हुए जस्टिस गवई
भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने शुक्रवार को कहा कि संविधान और नागरिकों के अधिकारों को बनाए रखने के लिए न्यायिक सक्रियता जरूरी है। यह बनी रहेगी, लेकिन इसे न्यायिक आतंकवाद में नहीं बदला जा सकता। CJI ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र के तीनों अंगों विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका को उनकी सीमाएं दी गई…
