पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिद्धू की शायरी में गुस्सा:कुर्सी के कीड़े, तख्त गिराने और देश में जागने की चेतावनी
पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू का शायराना अंदाज अब गुस्से में नजर आ रहा है। इसकी गवाही उनकी एक नई शायरी देती है, जिसमें सिद्धू कहते हैं— गुरु, मैं बचाता रहा किमक से मकान अपना , मगर चंद कुर्सी के कीड़े, पूरा मुल्क खा गए। अब खाक नशीनों, उठो—जागो और देखो, वक्त कहा आन पहुंचा…
