उत्तराखंड में हर 11 साल बाद होती है रहस्यमयी पूजा:रात में अवतरित होते हैं अलखनाथ, साहित्यकार बोले- ‘खुदा पूजा’ नहीं, ख्वदै पूजा है सही नाम
उत्तराखंड में हर 11 साल बाद होती है रहस्यमयी पूजा:रात में अवतरित होते हैं अलखनाथ, साहित्यकार बोले- ‘खुदा पूजा’ नहीं, ख्वदै पूजा है सही नाम भक्तदर्शन पांडे, पिथौरागढ़3 घंटे पहले दोपहर के समय पूजा करते पुजारी और आसपास लगी भक्तों की भीड़। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में एक ऐसी शिव परंपरा जीवित है, जिसे लोग…
